Om shanti bhagvan k mahavaky

27-04-2023
प्रात:मुरली
ओम् शान्ति
"बापदादा"'
मधुबन
“मीठे बच्चे - योग से ही ताकत आयेगी, अनेक जन्मों की पुरानी आदतें मिटेंगी, सर्वगुण धारण होंगे इसलिए जितना हो सके बाप को याद करो'' 


प्रश्नः-
तुम बच्चे अभी कौन सी रेस कर रहे हो? उस रेस में थकावट कब आती है?
उत्तर:-तुम बच्चे अभी विजय माला का दाना बनने की रेस कर रहे हो। इस रेस में कोई कोई बहुत अच्छा दौड़ते हैं, कोई कोई थक जाते हैं। थकने का कारण है पढ़ाई पर पूरा ध्यान नहीं। मैनर्स सुधरते नहीं। ऐसे बच्चों पर शक पड़ता कि यह कल नहीं रह सकेंगे। काम या क्रोध के वशीभूत होने के कारण ही थकावट आती है फिर कहते अब चढ़ नहीं सकेंगे, जो होना होगा वो देखा जायेगा। यह भी तो वन्डर है ना।

धारणा के लिए मुख्य सार:-

1) गॉडली बुलबुल बन बाप का नाम बाला करना है। ज्ञान की धारणा कर अपने मैनर्स बहुत अच्छे बनाने हैं।

2) विजय माला में पिरोने की रेस करनी है। कभी भी तंग हो ब्राह्मण जीवन से थकना नहीं है। श्रीमत पर सदा चलना है।

वरदान:-शुभ संकल्प के यंत्र द्वारा साइलेन्स की शक्ति का प्रयोग करने वाले सिद्धि स्वरूप भव
साइलेन्स की शक्ति का विशेष यंत्र है “शुभ संकल्प''। इस संकल्प के यंत्र द्वारा जो चाहो वह सिद्धि स्वरूप में देख सकते हो, इसका प्रयोग पहले स्व के प्रति करो। तन की व्याधि के ऊपर प्रयोग करके देखो तो शान्ति की शक्ति द्वारा कर्मबंधन का रूप, मीठे संबंध के रूप में बदल जायेगा। कर्मभोग - कर्म का कड़ा बंधन साइलेन्स की शक्ति से पानी की लकीर मिसल अनुभव होगा। तो तन पर, मन पर, संस्कारों पर साइलेन्स की शक्ति का प्रयोग करो और सिद्धि स्वरूप बनो।
स्लोगन:-कुल दीपक बन अपने स्मृति की ज्योति से ब्राह्मण कुल का नाम रोशन करो।

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